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नेपाल में शुक्रवार से यात्रियों और पर्यटकों पर महंगाई की मार साफ नजर आने लगी है। हवाई ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते घरेलू उड़ानों के किराए में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है, वहीं बस किराए में भी करीब 16 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से जारी युद्ध के कारण हवाई ईंधन की कीमतों में करीब 48 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर नेपाल की घरेलू हवाई सेवाओं पर पड़ा है। नया हवाई किराया शुक्रवार तड़के 1 बजे से लागू कर दिया गया है।
वायुसेवा संचालक संघ के पदाधिकारियों के अनुसार ईंधन महंगा होने के कारण फ्यूल सरचार्ज में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इसका सबसे ज्यादा असर काठमांडू–धनगढी रूट पर देखने को मिला है, जहां फ्यूल सरचार्ज एक बार में 5,480 रुपये बढ़कर 11,090 रुपये हो गया है।
इसके अलावा अन्य प्रमुख रूटों पर भी किराए में बढ़ोतरी हुई है। भैरहवा से काठमांडू मार्ग पर करीब दो हजार की बढ़ोतरी हुई है। पहले 5400 किराया था अब 7200 देने पड़ रहे है। इसके साथ ही काठमांडू–सुर्खेत, नेपालगंज, भद्रपुर, पोखरा, जनकपुर, भरतपुर, विराटनगर, और सिमरा रूट पर फ्यूल सरचार्ज में 1,000 से 4,000 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हवाई यात्रा के साथ-साथ नेपाल में बस किराए में भी लगभग 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। सोनौली से काठमांडू के लिए पहले 1240 रुपए किराया था अब 1440 रुपए लग रहा है।
पर्यटन और आम जनजीवन पर असर
किराए में इस बढ़ोतरी से नेपाल आने-जाने वाले पर्यटकों और सीमावर्ती क्षेत्रों के यात्रियों पर सीधा असर पड़ा है। खासकर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। पर्यटन कारोबारी श्रीचन्द्र गुप्ता ने बताया कि ईंधन की कीमतों में जल्द कमी नहीं आई, तो आने वाले समय में यात्रा और अधिक महंगी हो सकती है, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों प्रभावित होंगे।