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कैबिनेट बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए. 30 प्रस्ताव पास हुए,
उत्तर प्रदेश जल्द बनेगा एडवेंचर टूरिज्म और नव ऊर्जा का केंद्र, गर्मियों में पर्यटन को नया आयाम देने का प्रयास
उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत एडवेंचर टूरिज्म गतिविधियों के लिए उद्यमियों-संस्थाओं को आमंत्रण
इच्छुक निवेशकों को मिलेगी सरकार से विशेष छूट, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों को मिलेगी विशेष रियायत
वाटर स्पोर्ट्स, पैराग्लाइडिंग से बंजी जंपिंग तक, उत्तर प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म से बदलेगा पर्यटन परिदृश्य- जयवीर सिंह
गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग छुट्टियों में कुछ नया और रोमांचक तलाशते हैं। इसी बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन ने टूरिज्म के नए आयाम गढ़ने की दिशा में एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। राज्य को रोमांच, नवाचार और अनुभव आधारित पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ पर्यटन विभाग ने एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान देने की पहल शुरू की है।
उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत प्रदेशभर में साहसिक पर्यटन परियोजनाओं में निवेश के लिए व्यक्तियों, संस्थाओं और उद्यमियों को आमंत्रित किया है, ताकि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म के सशक्त गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके। इस पहल से न केवल गर्मियों में पर्यटन गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी, बल्कि रोजगार, निवेश और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा होंगे।
‘एडवेंचर टूरिज्म में अग्रणी बनना लक्ष्य’
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘राज्य में पर्यटन को महज दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखते हुए हम उसे रोमांचक अनुभवों से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देकर प्रदेश की विविध भौगोलिक और प्राकृतिक संभावनाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी। इस प्रयास में निजी क्षेत्र, उद्यमियों और संस्थाओं की भागीदारी अहम होगी। हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म गंतव्यों में स्थापित करना है।’
तीन तरह के एडवेंचर टूरिज्म
पर्यटकों की रुचि और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भूमि आधारित, जल आधारित और वायु आधारित एडवेंचर टूरिज्म इन तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसका उद्देश्य साहसिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश को एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
लैंड बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा रोमांच और उत्साह के नए आयाम खोलते हुए भूमि आधारित साहसिक पर्यटन (लैंड बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म) को एक सशक्त पहचान के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत एटीवी (ऑल-टेरेन व्हीकल) टूर, बंजी जंपिंग, साइकिलिंग टूर, जीप सफारी और मोटरसाइकिल टूर जैसी गतिविधियां न केवल युवाओं के जोश को नया मंच देंगी, बल्कि एडवेंचर पसंद करने वालों को यादगार अनुभव भी प्रदान करेंगी।
वाटर बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म
पानी की लहरों पर रोमांच को नया आयाम देने की दिशा में ‘जल आधारित एडवेंचर टूरिज्म’ (वाटर बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म) को पर्यटन विकास की प्रमुख कड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है। कयाकिंग, राफ्टिंग, रिवर क्रूज़िंग और आधुनिक वाटर स्पोर्ट्स सेंटर जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को रोमांचक अनुभव प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
एयर बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म
विभाग द्वारा आकाश की ऊंचाइयों से रोमांच का नया अध्याय खोलने की दिशा में ‘एयर बेस्ड एडवेंचर टूरिज्म’ को बढ़ावा दिया जा रहा है। हॉट एयर बैलूनिंग, पैराग्लाइडिंग और स्काईडाइविंग जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को नई उड़ान देने की तैयारी है।
सरकार की ओर से मिलेंगी छूट
उ0प्र0 पर्यटन नीति-2022 के तहत निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन दिए जाएंगे। नीति के अनुसार, 10 लाख से 10 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 25 प्रतिशत की सब्सिडी (अधिकतम 02 करोड़ रुपए), 50 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 20 फीसदी (अधिकतम 7.5 करोड़ रुपए), 200 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़ रुपए), 500 करोड़ रुपए तक के निवेश पर 10 फीसद (अधिकतम 25 करोड़ रुपए) और 500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर भी 10 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 40 करोड़ रुपए) दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट और सभी पर्यटन इकाइयों के लिए भूमि परिवर्तन एवं विकास शुल्क में पूर्ण छूट का भी प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिला उद्यमियों को 5 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि ‘एडवेंचर टूरिज्म को विशिष्ट पहचान देने की यह पहल प्रदेश को पारंपरिक पर्यटन से आगे ले जाकर अनुभव आधारित और भविष्य उन्मुख गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी। भूमि, जल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियों के जरिए राज्य की भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही, उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत दिए जा रहे प्रोत्साहन, निजी निवेश को आकर्षित करेंगे। इससे प्रदेश के पर्यटन ढांचे को मजबूती मिलेगी।